Hamri Kahani | Poem | Marathi | By Essence Of Books

Dhanashree Patil Jan 6nd, 2026 1 min read

Poem :

हमारी कहानी

ये हवा का रुख,
ये बहता हुआ पानी ,
लगता है जैसे हो हमारी कहानी.....
अपना घर धुंड रहे पंछी,
ये डुबता हुआ सूरज,
इस नदी के किनारे बैठे हुए ये नाना और नानी .......
आधा सा उजाला,
आधा सा अंधेरा,
दोनो को चिरता हुआ निकल रहा चंद्रमा ,
अपने घर लोट रहे मोर और मोरनी.....
ये थंडी सी हवाये,
ये कुदरत का करिष्मा,
ये खूब सुरत सा शितिज जहा मिल रहे है ये आकाश, धरती और ये पानी......


~धनश्री पाटील.